शीर्षक - परमवीर उभरेगा बनकर संपूर्ण विश्व का निर्णायक मसीहा
वह परमवीर घोर कलियुग का काल्की अवतार होगा
और परमवीर मैत्री बोधिसत्व का प्रबल अभिसार होगा
वह ईसा का पुनःआगमन होगा
वह मेंहदी का सुगम संस्थापन होगा
वह आयेगा समस्त विश्व को बदलने
बुराई को दबाने, विभाजन को कुचलने
वह उठेगा बन कर एक विराट बवंडर
जिसके आगे कर देंगे सभी सरेंडर
जब बुराई और अच्छाई का होगा पूरा ध्रुवीकरण
जब अच्छाई हरायेगी बुराई को बन कर एक प्रचंड अंतःकरण
जब सारे धर्मों का समावेश हो जायेगा
जब सारी सकारात्मक ऊर्जा का अनिमेश हो जायेगा
परमवीर जीतेगा दुनिया को प्रेम और ऊर्जा के सशक्त मिश्रण से
वह स्थापित करेगा एकता दूरी बना कर सारे घर्षण से
उसने जन्मों-जन्मों तक इसी की तैय्यारी की थी
उसने सदियों से इसी लक्ष्य के लिए ईमानदारी की थी
परमवीर उभरेगा बनकर संपूर्ण विश्व का निर्णायक मसीहा
वह बदल देगा दुनिया का ताना-बाना, बदल देगा सारा तौर-तरीका।
*****
Comments
Post a Comment