जय महाक्रांति - नीला सलाम

विश्व महाक्रांति आंदोलन धर्मों को हराकर और एक सार्वभौमिक मानवीय धर्म को स्थापित कर के, राष्ट्रीयताओं को भंग करके और एक विश्व सरकार को लाकर, पशुओं को मुक्त कर के और शाकाहार को सार्वभौमिक बना के, सरकार और सारी गैर-सरकारी अनैच्छिक संघों  को  हटा के और स्व-नियंत्रित समाज को बनाकर, सबकुछ नश्वर है और कुछ भी पूर्ण या स्थाई नही है, इस तथ्य को विश्वस्तर पर बसाकर, हम एक ऐसी दुनिया बनायेंगे जहां गरीबी मिट चुकी होगी और अभाव पट चुके होंगे,  संसाधन इस कदर बढ़ जाएगें  कि सबको सबकुछ मुहैय्या होगा, जहां हर व्यक्ति अपने चयन और अपने रुचि से काम करेगा, अभाव जरा भी न होगा और यह धरती एक सुगम स्वर्ग बन जाएगी....

यह एक सपना है। जो मैने देखा है। पढ़ने के लिए खराब नही है। पूरा हो गया तो कोई हिसाब नही है।

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