शीर्षक - अटल, अकाट्य जिनों का कानून है
सारी व्यथाओं को एक साथ समेटे
सभी परिभाषाओं को एक ही में लपेटे
दूर करने अग्यानता का कष्टप्रद झंझट
भरने हर एक सरोवर, हर एक पनघट
प्रेरित करके हर क्षण का वह अटल, विराट अभियान
जीतना है हर रण, बिना चलाए तीर-कमान
वह है ऐसा अस्त्र जिससे सब कुछ है कटता
जिसके अनुसरण से हर पाप है मिटता
आत्मा है सर्वस्व और उसको पाना है सबकुछ
बहुत मिलेगा हमें जब हम बनायेंगे उसे बहुतकुछ
हर व्यक्ति वास्तव में परमात्मा है
और उसका किसी से नही सामना है
यथार्थ असल में अथाह है, अनंत है
जो मानता है इस बात को, उसका सुख तुरंत है
दिलाने आत्मा को पुनः उसका परमत्व
लाने अपने अंदर एक विराट, विशाल समत्व
बुलाकर विराट अहिंसा और तपश्चर्य
बनाने रूखे-सूखे जीवन को तत्पर
रेगिस्तान में जैसे मान्सून है
अटल, अकाट्य जिनों का कानून है ।
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