शीर्षक - विकास की यात्रा में बहुत उज्जवल है मनुष्य का भविष्य
समय चल रहा है सतत, लगातार
जीवन है कभी स्वप्निल, तो कभी है दुश्वार
स्थितियां खड़ी करती हैं बड़ी-बड़ी चुनौतियां
संघर्ष करके हटाते हैं हम मुश्किल पनौतियां
जो कुछ भी होता है, एक उदेश्य से होता है
अखिल ब्रम्हांड में कुछ भी नही है, जो खोता है
चीजें निरंतर कुल मिलाकर सुधर रही हैं
कोई भी घटना बिना लाभ के नही गुजर रही है
बहुत विकास किया है मनुष्य ने 10,000 साल के सभ्य इतिहास में
सुलझी हैं गुत्थियां, सिमटे हैं रहस्य इंसान के निवास में
पर जो अभी तक हुआ है वह बहुत ही कम है
पिक्चर देखना बाकी है, अभी ट्रेलर भी नही हुआ खत्म है
अनंत हैं संभावनाएं, अनंत विकास के स्रोत हैं
मनुष्य के लिए छोटा पड़ जाए ब्रम्हांड, यह कहना नही अतिशयोक्त है
जीतना है हमे गरीबी और अर्थव्वस्था के असंतुलन को
हरानी है बीमारियां और मृत्यु के आगमन को
हमे करना है अथक प्रयास प्राप्त करने एक सुनहरी मंजिल
करते रहना है हमेशा कुछ सृजनात्मक, इतना निश्छल जैसे हो सलिल
धर्म से ऊपर उठकर हमे रचना है एक सुंदर प्रभात
संकीर्ण मानसिकता वालों को दिखा देनी है उनकी औकात
बता देना है सबको कि हमे निर्वाण से अधिक निर्माण चाहिए
अध्यात्म से अधिक हमे मनुष्य का सर्वांगीण विकास चाहिए
करते जाना है सबकुछ, बनाना है सबको विशिष्ट
विकास की यात्रा में बहुत उज्जवल है मनुष्य का भविष्य
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